मोदी Vs मनमोहन: चुनाव से पहले EPF धारकों पर दोनों सरकारें मेहरबान!

किसी भी नौकरीपेशा शख्‍स के लिए उनके प्रॉविडेंट फंड (PF)का पैसा काफी अहम होता है. दरअसल, नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ खाते में जमा होने वाली रकम भविष्‍य सुरक्षित करने का सबसे अच्‍छा जरिए होती है. इस रकम पर सरकार 8 फीसदी से ज्‍यादा का ब्‍याज देती है. वित्‍त वर्ष 2017-18 में नौकरीपेशा लोगों को पीएफ पर 8.55 फीसदी का ब्याज मिलता था, जो अब 0.10 फीसदी बढ़ा दी गई है.

इस बढ़त के बाद वित्त वर्ष 2018-19 के लिए पीएफ पर ब्‍याज दर 8.65 फीसदी हो गई है. हालांकि इसके बावजूद यह ब्‍याज दर मनमोहन सिंह के कार्यकाल के आखिरी साल की तुलना में 0.10 फीसदी  कम है.दिलचस्‍प यह भी है कि लोकसभा चुनाव से पहले दोनों सरकारों ने नौकरीपेशा लोगों को लुभाने के लिए पीएफ पर ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की है.

admin