PSE: सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर SC के फैसले से 46% असहमत

सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केरल के ज्यादातर लोग असहमत हैं. यह बात इंडिया टुडे पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) सर्वे में सामने आई है.

सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था को लेकर सर्वे में 46 फीसदी प्रतिभागी असंतुष्ट नजर आए. सिर्फ 21 फीसदी ने ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमति जताई, जबकि 33 फीसदी प्रतिभागियों ने इस सवाल पर कोई स्पष्ट राय नहीं रखी.

PSE सर्वे में 41 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था को केंद्र सरकार की ओर से अध्यादेश लाकर पलटना चाहिए. वहीं, 26 फीसदी प्रतिभागियों ने ऐसा कोई कदम उठाने के खिलाफ राय जताई.

इसके अलावा इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया सर्वे में 42 फीसदी प्रतिभागियों ने केरल में पी विजयन की अगुआई वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक सरकार के कामकाज को लेकर संतोष जताया. PSE सर्वे के मुताबिक 27 फीसदी वोटरों ने विजयन सरकार के कामकाज पर नाखुशी जताई, जबकि 26 फीसदी ने इसे औसत बताया.

जहां तक मुख्यमंत्री के पद का सवाल है, तो सर्वे में 27 फीसदी प्रतिभागियों ने विजयन को ही एक और कार्यकाल मिलने के पक्ष में वोट दिया. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी को 20 फीसदी प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी पसंद बताया.

बीजेपी कर रही सबरीमाला मुद्दे का इस्तेमालः योगेंद्र यादव

चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव का कहना है कि बीजेपी इस दक्षिणी राज्य में अपनी मौजूदगी का अहसास करा रही है. क्या चुनाव में भी बीजेपी कुछ हासिल कर पाएगी, इस पर यादव कहते हैं कि बीजेपी अभी काफी पीछे है लेकिन वो सबरीमाला जैसे मुद्दों का इस्तेमाल करेगी.

यादव ने कहा, ‘बीजेपी सबरीमाला मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है. इस पार्टी को खुले और नग्न किस्म की साम्प्रदायिकता से परहेज नहीं है. कांग्रेस का जोर सॉफ्ट हिन्दुत्व पर है. जहां तक कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का सवाल है तो बीजेपी की ओर से वहां सेंधमारी की जा सकती है.’

बीजेपी सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने भरोसा जताया कि केरल में बीजेपी कई सीट जीतने में कामयाब रहेगी. राव ने कहा, ‘हमने पिछले चुनाव में विधानसभा सीट जीती थी. अब त्रिकोणीय मुकाबला होगा, हम 32% के साथ कई सीट हासिल करेंगे.’

राव के मुताबिक सबरीमाला आस्था और भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है. इस मुद्दे से जुड़े फैसले पर किसी केंद्रीय मंत्री ने प्रतिक्रिया नहीं दी है. जब केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी के बयान की ओर राव का ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा कि, ‘मंत्री होने के नाते उनकी अलग भूमिका है. सरकार में कोई मंत्री फैसले के खिलाफ कमेंट नहीं देगा. इस मुद्दे पर कोर्ट ही फैसला करेगा.’

बाढ़ राहत-बचाव कार्य से कितने संतुष्ट हैं लोग?

केरल ने कुछ अर्सा पहले भीषण बाढ़ का सामना किया था. PSE  सर्वे में 36 फीसदी प्रतिभागियों ने राज्य सरकार की ओर से बाढ़ प्रबंधन और राहत के लिए किए गए कार्यों को संतोषजनक बताया. वहीं केंद्र सरकार के कदमों को संतोषजनक बताने वाले सिर्फ 8 फीसदी ही प्रतिभागी थे.

ये है केरल के स्थानीय मुद्दे

PSE सर्वे में केरल में सबसे बड़े मुद्दे के बारे में जब प्रतिभागियों से पूछा गया तो उन्होंने बेरोजगारी का नाम लिया. इसके बाद सड़कों की हालत, महंगाई और पीने का पानी भी अन्य अहम मुद्दों के तौर पर उभरे.sabrimala manindi jankari hindi me

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