मोदी-शाह के स्टाइल में ही BJP को UP में काउंटर करेंगी प्रियंका

प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की जड़ों को मजबूत करने के लिए  वही तरीके अपना रही है जिसे भाजपा 2014 में आजमा चुकी है. सपा-बसपा गठबंधन से दरकिनार किए जाने के बाद कांग्रेस अपने परंपरागत वोटबैंक को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश में छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन कर रही है

उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी राजनीतिक समीकरण दुरुस्त करने में जुटी हैं. कांग्रेस वही तरीके अपना रही है जिसे भाजपा 2014 में आजमा चुकी है. सपा-बसपा गठबंधन से दरकिनार किए जाने के बाद कांग्रेस अपने परंपरागत वोटबैंक को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश में छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन कर रही है.

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अभी तक 3 दलों के साथ गठबंधन किया है. कांग्रेस ने सबसे पहले महान दल से हाथ मिलाया. इसके बाद कृष्णा पटेल की अपना दल और बाबू सिंह कुशवाहा की राष्ट्रीय जन अधिकार पार्टी (RJAP) से समझौता किया. कांग्रेस ने अपना दल को 2 सीटें और आरजेएपी को 7 सीटें दी हैं. हालांकि 5 सीटें सीधे तौर पर दी गई हैं और 2 सीटों पर उसके उम्मीदवार कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे.

बीजेपी ने 2014 के लोकसभा और 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में ऐसे ही छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन करके चुनावी बाजी जीती थी. लोकसभा में अपना दल के साथ गठबंधन किया था तो विधानसभा में ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया था. इसी फॉर्मूले के तहत कांग्रेस ने इन तीनों दलों से हाथ मिलाया है. इसके जरिए कांग्रेस ने गैर यादव ओबीसी मतों को साधने की रणनीति 

admin