भारत का असली ‘टाइगर’, जिसने बचाई थी 20 हज़ार भारतीय सैनिकों की जान

जिस टाइगर की हम बात कर रहे हैं, भले ही उसका ‘टाइगर’ फिल्म से कोई नाता हो या ना हो. मगर दुनिया में जब जब दिलेर जासूसों की बात होगी. तब तब इस शख्स का चेहरा सामने आएगा.

पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसी कहती है कि वो दुनिया की सबसे शातिर एजेंसियों में से एक है. जो दुश्मनों को सिर्फ देख ही नहीं लेती बल्कि सूंघ भी लेती है. मगर इतनी शातिर होने के बाद भी पाकिस्तानी एजेंसियां ये फर्क नहीं कर पाई कि हामिद आशिक है या जासूस. जासूस तो वो होते हैं जो घर में दामाद बनकर घुस भी जाएं तो भनक तक न लगने दें. ये कहानी है एक ऐसे ही हिंदुस्तानी जांबाज़ की. जो ऐसा जासूस था जिसने सरहद पार कर ना सिर्फ पाकिस्तानी सरज़मीं पर कदम रखा. बल्कि उनकी सेना में उनका अधिकारी बन कर भारत की मदद करता रहा. ये कहानी है असली टाइगर की. जिसकी जासूसी ने 20 हज़ार भारतीय सैनिकों को शहीद होने से बचाया था.

जिस टाइगर की हम बात कर रहे हैं, भले ही उसका ‘टाइगर’ फिल्म से कोई नाता हो या ना हो. मगर दुनिया में जब जब दिलेर जासूसों की बात होगी. तब तब इस शख्स का चेहरा सामने आएगा. क्योंकि फिल्मी जासूस बने सलमान खान रील लाइफ के टाइगर तो हो सकते हैं. मगर हिंदुस्तान के इतिहास में अगर कोई असली टाइगर था. तो वो ये शख्स है. जो आज भी लोगों के ज़ेहन में ज़िंदा है. भारतीय खुफिया एजेंसी इंडियन रिसर्च एंड एनेलेसिस विंग यानी रॉ ने उसे खिताब दिया था ‘टाइगर’

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