राष्ट्रवाद पर छिड़ी बहस को राहुल ने अमीर बनाम गरीब की तरफ मोड़ा, अब क्या करेगी बीजेपी?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी न्याय योजना की घोषणा कर गरीबी, बेरोजगारी को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला रहे हैं. तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनिंदा अमीरों के साथ खड़ा करते दिख रहे हैं.

भारतीय वायुसेना की पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक से आम चुनावों से पहले राष्ट्रवाद को लेकर छिड़ी बहस का फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलता दिख रहा था. कांग्रेस पार्टी के नेताओं की तरफ से बीजेपी के नेताओं के दावों को लेकर पूछे गए हर सवाल को सत्ताधारी दल सेना के शौर्य पर सवाल बताकर कांग्रेस को राष्ट्रविरोधी ठहरा रही थी. इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्यूनतम आय गारंटी योजना की घोषणा कर राष्ट्रवाद बनाम राष्ट्रद्रोह, मोदी बनाम राहुल की पूरी बहस का रुख अमीर बनाम गरीब पर केंद्रित करने की कोशिश की है. अब योजना को लेकर बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्रियों की तरफ से पूछे गए सवाल को कांग्रेस गरीब विरोधी बता रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने न्याय योजना की घोषणा करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं, तो कांग्रेस पार्टी देश के सबसे गरीब लोगों को पैसा दे सकती है. इस लिहाज से राहुल गांधी की रणनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमीरों के साथ खड़ा दिखाने की है और कांग्रेस पार्टी को गरीबों का असली हितैषी बताने की है. इसकी एक बानगी मंगलवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर में राहुल गांधी की रैली में दिखी जहां उन्होंने कहा कि हम बैंकों के दरवाजे छोटे दुकानदारों, छोटे बिजनेस वालों के लिए खोलेंगे. हम बैंक की चाबी नीरव मोदी, अनिल अंबानी से छीनकर आपके (गरीबों के) हाथ में देंगे.

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