जब-जब साउथ से उतरा गांधी परिवार, जानिए चुनाव नतीजों पर क्या हुआ असर

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी  गांधी परिवार के पहले शख्स नहीं है जो दक्षिण के रण में उतर रहे हैं बल्कि उनसे पहले मां सोनिया गांधी और दादी इंदिरा गांधी भी दक्षिण भारत से चुनाव लड़ चुकी हैं. इसका राजनीतिक फायदा इंदिरा-सोनिया को मिलने के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी को भी मिला है

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अमेठी संसदीय सीट के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनावी किस्मत आजमाएंगे. वायनाड सीट के जरिए राहुल केरल सहित पूरे दक्षिण भारत को साधने की रणनीति के तहत उतर रहे हैं. राहुल गांधी ‘गांधी परिवार’ के पहले शख्स नहीं है जो दक्षिण के रण में उतर रहे हैं बल्कि उनसे पहले मां सोनिया गांधी और दादी इंदिरा गांधी भी दक्षिण भारत से चुनाव लड़ चुकी हैं. इसका राजनीतिक फायदा इंदिरा-सोनिया को मिलने के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी को भी मिला है.

बता दें कि दक्षिण भारत में ऐसी लगातार मांग उठती रही है कि दिल्ली की सत्ता के सिंहासन पर उनका प्रतिनिधत्व हो. इसी के मद्देनजर राहुल गांधी ने अपनी मां और दादी की तर्ज पर दक्षिण भारत का दिल जीतने के लिए वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. राहुल ने अपनी परंपरागत सीट अमेठी से चुनाव लड़ने के साथ-साथ कांग्रेस लिए मजबूत किले के रूप में मशहूर वायनाड सीट को भी चुना है

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