मोदी के 57 मंत्रियों की पूरी लिस्ट, जानें किसका क्या है X-फैक्टर, क्यों मिला मौका

प्रधानमंत्री का मंत्रिमंडल नया है लेकिन टीम कमोबेश पुरानी है. पीएम मोदी समेत जिन 58 मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें 38 चेहरे मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के ही हैं. बस 20 नए चेहरों पर प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार दांव लगाया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूसरी बार देश की बागडोर संभाल ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री मोदी और उनके साथ 57 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी. प्रधानमंत्री का मंत्रिमंडल नया है लेकिन टीम कमोबेश पुरानी है. पीएम मोदी समेत जिन मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें 38 चेहरे मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के ही हैं. मोदी कैबिनेट में कुल 25 मंत्री हैं. स्वतंत्र प्रभार वाले 9 मंत्रियों में 8 चेहरे पुराने हैं. वहीं राज्य मंत्रियों में सबसे ज्यादा नए चेहरे हैं . 24 राज्यमंत्रियों में 13 को पहली बार मंत्रिमंडल में जगह मिली हैं

टीम मोदी, एक नजर-

राजनाथ सिंह ( केंद्रीय मंत्री)
भौतिकी के प्रोफेसर से देश के गृहमंत्री तक का लंबा सफर तय करने वाले राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के ऐसे मजबूत स्तंभ हैं जिनकी पहचान कुशल प्रशासक और राजनीतिक शुचिता का सम्मान करने वाले परिपक्व नेता के रूप में होती है. राजनाथ सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली. वह इससे पहले मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में गृह मंत्री थे.

अमित शाह( केंद्रीय मंत्री)

शतरंज खेलने, क्रिकेट देखने एवं संगीत में गहरी रुचि रखने वाले भाजपा के ‘चाणक्य’ अमित शाह ने राज्य दर राज्य भाजपा की सफलता की गाथा लिखते हुए इस बार लोकसभा में पार्टी के सदस्यों की संख्या 303 करने में महती भूमिका निभाई है.

अमित शाह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमंडल कैबिनेट मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली. वर्तमान लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण भारत में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के लिए भाजपा अध्यक्ष शाह की सफल रणनीति को श्रेय दे रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि विचारधारा की दृढ़ता, असीमित कल्पनाशीलता और वास्तविक राजनीतिक लचीलेपन का शानदार समन्वय कर शाह ने चुनावी समर में भाजपा की शानदार जीत का मार्ग प्रशस्त किया.

नितिन गडकरी ( केंद्रीय मंत्री)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार में सबसे ज्यादा कर्मठ मंत्री की पहचान बनाने वाले नितिन गडकरी एक बार फिर मोदी सरकार में मंत्री हैं. सड़क निर्माण में अगर मोदी सरकार की वाहवाही होती है तो इसका बड़ा कारण नितिन गडकरी का बुनियादी ढांचे पर किए गए काम हैं.

निर्मला सीतारमन( केंद्रीय मंत्री)

पिछली मोदी सरकार में निर्मला सीतारमन राज्य मंत्री के रूप में आई थीं लेकिन जल्द ही उनकी तरक्की हुई और वो ना सिर्फ कैबिनेट मंत्री बनीं बल्कि वो भी रक्षा मंत्री. रक्षा मंत्री के रूप में राफेल रक्षा सौदे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हमले का संसद से सड़क तक करारा जवाब दिया. मोदी सरकार की वापसी हुई है तो निर्मला फिर से कैबिनेट मंत्री बनीं.
एस जयशंकर ( केंद्रीय मंत्री)

डिप्लोमेट से राजनेता बने एस जयशंकर पहली बार में ही सीधे कैबिनेट मंत्री बन गए हैं. डोकलाम विवाद से लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत की पैरवी तक एस जयशंकर की जबरदस्त भूमिका रही है. जयशंकर और नरेंद्र मोदी की जान-पहचान उनके पीएम बनने से पहले की है
2012 में जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में चीन के दौरे पर थे उसी दौरान जयशंकर उनसे मिले थे. दोनों के बीच कुछ ऐसी बातें हुई कि मोदी जयशंकर के मुरीद हो गए. 2015 की जनवरी में विदेश सचिव की कुर्सी से सुजाता सिंह की विदाई. इसके तुरंत बाद पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की एक बैठक में एस जयशंकर को विदेश सचिव बनाने का फैसला लिया गया था. जयशंकर उन राजनयिकों में से हैं, जिन्हें चीन, अमेरिका और रूस तीनों ही मुल्कों में काम करने का अनुभव है

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