पुलवामा हमले के बाद सुरक्षाबलों ने 93 आतंकियों को किया ढेर

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के शहीद होने की संख्या ज्यादा है. वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कम शहीद हुए हैं. सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी. जिन राज्यों में सुरक्षाबलों के शहीद होने की तादाद सबसे ज्यादा है, उनमें जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ का नक्सली इलाका और पूर्वोत्तर भारत का मणिपुर शामिल है.
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के जवानों के शहीद होने की संख्या ज्यादा है. वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल कम शहीद हुए हैं. सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी. जिन राज्यों में सुरक्षाबलों के शहीद होने की तादाद सबसे ज्यादा है, उनमें जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ का नक्सली इलाका और पूर्वोत्तर भारत का मणिपुर शामिल है. लेकिन पुलवामा हमले के बाद सेना ने 93 आतंकियों को भी मार गिराया है.

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में बताया कि जम्मू-कश्मीर में साल 2016 में 82 सुरक्षाबल शहीद हुए तो 2017 में 80. साल 2018 में 91 सुरक्षाकर्मियों ने आतंकियों से लोहा लेते हुए बलिदान दिया. वहीं इस साल के मध्य तक सुरक्षाबलों के हताहत होने की तादाद 70 तक पहुंच चुकी है.

रेड्डी ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ में साल 2016 में 38 जवान शहीद हुए, 2017 में 60, 2018 में 55 और इस साल के पहले 6 महीनों में 14 जवान देश की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गए. जबकि मणिपुर में 2016 में 11, 2017 में 8, 2018 में 7 जवान शहीद हुए. हालांकि इस साल अब तक मणिपुर में कोई सुरक्षाकर्मी शहीद नहीं हुआ है.

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