व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने को लेकर भारतीय सेना ने जारी की एडवाइजरी

सेना मुख्यालय ने हाल ही में निर्देश दिया था कि जिन सोशल मीडिया ग्रुप्स में शामिल सदस्यों में अनजान चेहरों की संख्या ज्यादा हो, या सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से न जानते हों ऐसे ग्रुपों में न शामिल हों.
भारतीय सेना ने अपने जवानों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर व्हाट्सएप ग्रुप पर सक्रिय रहने के संबंध में एडवाइजरी जारी की है. व्हाट्सएप ग्रुप पर सदस्यों की पहचान करना अभी भी अपने आप में बड़ी चुनौती है. सेना से जुड़े हुए सूत्रों ने बताया है कि व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर की गई जानकारियों पर विदेशी एजेंसियों की नजर है, जिनके लीक होने का खतरा बना हुआ है. इसलिए व्हाट्सएप के इस्तेमाल पर सेना के जवान अतिरिक्त सतर्कता बरतें.

सुरक्षा एजेंसी इन लीक जानकारियों का प्रोपेगेंडा खड़ा कर सकती हैं. सेना मुख्यालय ने हाल ही में निर्देश दिया था कि जिन सोशल मीडिया ग्रुप्स में शामिल सदस्यों में अनजान चेहरों की संख्या ज्यादा हो, या सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से न जानते हों ऐसे ग्रुपों में न शामिल हों. अगर ग्रुप के सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से जानते हों तभी शामिल हों.

सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि जिनमें सेना के अधिकारी ऐसे ग्रुपों से बाहर निकल रहे हैं. अधिकारियों का कहना है अधिकारियों की सतर्कता नई नहीं है लेकिन हाल के दिनों में संभावित खतरों के प्रति सेना के अधिकारी सचेत हुए हैं.

एक अधिकारी ने कहा, ‘व्हाट्सएप पर सुरक्षा अपने आप में गंभीर मुद्दा है. बाकी जगहों पर लोगों की असली पहचान की जा सकती है.’

अलग-अलग सोशल मीडिया साइट्स पर ऐसा देखा गया है कि जवान हनी ट्रैप में फंसते रहे हैं, जहां से गलत सूचनाएं रणनीति के तहत साझा कर दी जाती हैं. बहुत सारे मामलों में जरूरी सूचनाएं भी व्हाट्सएप के जरिए साझा की जाती हैं. नए भर्ती जवानों के हनी ट्रैप में फंसने का खतरा और भी ज्यादा होता है.

ऐसे में भारतीय सेना एक जुझारू इन्फॉर्मेशन वेलफेयर सेक्शन पर काम कर रही है, जो ऐसे ग्रुपों पर नजर रखेगा जहां गलत सूचनाएं साझा की जाती हैं. आतंकवाद से निपटने के लिए सेना यह प्लान तैयार कर रही है. सोशल मीडिया वॉरियर के नाम से एक्सपर्ट की तैनाती की जा सकती है, जिनकी नियुक्ति संविदा के आधार पर हो सकती है.

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