सावन माह की आखिरी सवारी में चार रूपों में दर्शन देंगे महाकाल, भस्मारती में उमड़ी भीड़

उज्जैन. सावन मास के आखिरी सोमवार को बाबा महाकाल प्रजा का हाल जानने निकलेंगे। चार 4 बजे निकलने वाली सवारी में बाबा अपने भक्तों को चार रूपों में दर्शन देंगे। इसके बाद भादौ मास में बाबा की दो सवारी निकलेगी। इसके पहले सुबह हजारों की संख्या मंदिर पहुंच भक्तों ने भस्मआरती की। उधर, सावन का अंतिम सोमवार होने से शहर में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ शिवमंदिरों में उमड़ी।
बात दें कि, सावन मास में यहा बाबा की आखिरी सवारी है। इसके बाद भादौ में 19 अगस्त और अंतिम (शाही) सवारी 26 अगस्त को मंदिर परिसर से निकलेगी। सोमवार शाम को निकले वाली इस सवारी में बाबा महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, गरुड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश तथा हाथी पर मनमहेश रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देंेगे। बाबा की सवारी मंदिर परिसर में पूजन के बाद नगर भ्रमण पर निकलेगी और रामघाट पर शिप्रा स्नान के बाद वापस मंदिर लौटेगी।

रात 12 बजे से लगे लाइन में
इसके पहले सावन सोमवार होने से बाबा के दर्शन को देशभर से हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे। भस्मारती के लिए तो रात 12 बजे ही मंदिर परिसर के बाहर लाइन लगने लगी थी। देर रात से ही बाबा के जयकारों ने मंदिर परिसर गूंज उठा। दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी लाइन देखने को मिली।

jmradmin