मध्यप्रदेश / बाढ़ से पूरे प्रदेश का हाल बेहाल; श्योपुर में जलभराव से होकर निकालनी पड़ी शवयात्रा

भोपाल। मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से नदी नालों में उफान आ गया है। करीब एक दर्जन बड़े बांधों के लबालब होने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी करने से कुछ स्थानों पर बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इसी बीच आज भी 0मौसम विभाग ने कई स्थानों पर बारिश की आशंका जाहिर की है। श्योपुर जिले में बाढ़ की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोगों को जलभराव के बीच से शवयात्रा निकालनी पड़ी।
श्योपुर में मालवा अंचल की बारिश से पार्वती नदी में एक बार फिर उफान आ गया है। नदी का पानी खातौली पुल से 11 मीटर यानी 36 फीट ऊपर चल रहा है। ऐसे में खातौली पुल से कोटा और कुहांजापुर पुल से बारां का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। कोटा बैराज डैम से छोड़े जा रहे पानी के कारण चंबल नदी भी उफान पर है। इससे श्योपुर से सवाई-माधौपुर रूट पाली हाईवे भी बंद हो गया है। दांतरदा के पास द्वार नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव में पानी भर गया है। साथ ही पाली हाईवे पर पड़ने वाली चंदेली पुलिया डूब गई, इससे यह रूट भी पूरी तरह से बंद हो गया है। इस प्रकार राजस्थान से श्योपुर का संपर्क पूरी तरह से कट गया।

चंदेली पुलिया पर पानी चढ़ा तो कंधे पर लादकर लाए शव
सोईकलां के एक व्यक्ति ने सवाई-माधौपुर अस्पताल में शुक्रवार को सुबह दम तोड़ दिया। परिजन उसके शव को वाहन से लेकर श्योपुर आ रहे थे, लेकिन पाली हाईवे पर दांतरदा के पास चंदेली की पुलिया पर 4 फीट पानी होने से वाहन नहीं आ सका। ऐसे में परिजन शव को स्ट्रेचर पर लेकर कंधे पर डालकर पुलिया पार करने लगे यह देख मौके पर मौजूद विधायक बाबू जंडेल भी पानी में उतर गए और शव को पुलिया से पारकर वाहन के जरिए गांव तक पहुंचवाने की व्यवस्था की।

कोटा बैराज से छोड़ा पानी: कोटा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के चलते चंबल नदी का पानी 201 मीटर पर पहुंच गया है। यहां नदी का खतरे का निशान 199.50 मीटर पर है, यानी पानी खतरे के निशान से 1.5 मीटर यानी पांच फीट बढ़ गया है। चंबल नदी में उफान से द्वार नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे पाली हाईवे पर स्थित चंदेली की पुलिया 4 फीट डूब गई, इससे श्योपुर से राजस्थान के सवाई-माधौपुर रुट भी बंद हो गया है। मुरैना जिले के आधा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ की चपेट में फंसे लोगों को राहत एवं बचाव दल द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, वहीं लगभग एक दर्जन गांवों को चंबल के बढ़ते जलस्तर के कारण हाई अलर्ट कर दिया गया है।

बांधों से छोड़ा जा रहा पानी: पार्वती नदी का जलस्तर 202 मीटर पर है, जो कि पुल से 11 मीटर ऊपर है और खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर। पार्वती नदी का खतरे का निशान 198 मीटर पर है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक प्रदेश में गोपीकृष्ण बांध, कलियासोत, बरगी, केरवा, राजघाट, कुंडालिया, इंदिरा सागर, पेंच, रेतम, वनसुजारा बांध तथा भोपाल का बड़ा तालाब लबालब हो गए हैं। उनमें आ रहे अतिरिक्त पानी की निकासी नदियों में की जा रही है। इससे नर्मदा, ताप्ती, बेतवा, सिंधु, पार्वती आदि नदियां पूरी तरह उफान पर हैं।

कम दवाब का क्षेत्र बना: स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार उत्तर पूर्वी राजस्थान तथा उससे लगते उत्तर पश्चिमी मध्यप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिससे आज भी नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगरमालवा, शाजापुर, गुना, राजगढ़ और श्योपुर जिलों में कहीं कहीं भारी बारिश हो सकती है।

25 अगस्त तक बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार से प्रदेश में बारिश में कमी आ सकती है। 19 अगस्त तक धीरे-धीरे बादल छंट जाएंगे। हल्की धूप निकल सकती है। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश भी हो सकती है। लेकिन, बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम फिर एक्टिव हो रहा है। इसके प्रदेश में 20 अगस्त तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में फिर से अच्छी बारिश के आसार हैं। 20 से 25 अगस्त के बीच प्रदेश कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। हालांकि इस सिस्टम से मूसलाधार बारिश की संभावना नहीं है।

admin